सुखकर्ता दुखहर्ता आरती - Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची
🔸 जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती
🔸 दर्शन मात्रे मनकामना पुरती
रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा
हिरेजडीत मुकुट शोभतो बरा
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया
🔸 जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती
🔸 दर्शन मात्रे मनकामना पुरती
लंबोदर पीतांबर फनी वरवंदना
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे
🔸 जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती
🔸 दर्शन मात्रे मनकामना पुरती
Sukhkarta Dukhharta Vaarta Vighnaachi
Nuravi Puravi Prem Krupa Jayachi
Sarvaangi Sundar Uti Shendurachi
Kanthi Jhalake Maal Muktaaphalanchi
🔸 Jai Dev Jai Dev Jai Mangalmoorti
🔸 Darshan Maatre Mankamna Purti
Ratnakhachit Phara Tooj Gaurikumara
Chandanachi Uti Kunkumakeshara
Hirejadit Mukut Shobhato Bara
Runjhunati Noopure Charani Ghaghariya
🔸 Jai Dev Jai Dev Jai Mangalmoorti
🔸 Darshan Maatre Mankamna Purti
Lambodar Peetambar Phani Varvandana
Saral Sond Vakratund Trinayana
Daas Ramacha Vaat Pahe Sadana
Sankati Paavawe Nirvani Rakshawe
🔸 Jai Dev Jai Dev Jai Mangalmoorti
🔸 Darshan Maatre Mankamna Purti
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का परिचय (Introduction to Sukhkarta Dukhharta Aarti, आरती का परिचय)
"सुखकर्ता दुखहर्ता आरती" भगवान गणेश को समर्पित सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। "आरती का परिचय" समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि गणेश जी हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता और शुभता के प्रतीक हैं। "Introduction to Sukhkarta Dukhharta Aarti" में यह उल्लेखनीय है कि यह आरती विशेष रूप से महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी और अन्य पूजा अवसरों पर गाई जाती है। यह भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, जो गणेश जी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम है। "Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics" इस लेख में आरती के बोल, उनका अर्थ, और इससे जुड़े पहलुओं को विस्तार से बताया जाएगा। यह आरती भक्तों को सुख और दुखों से मुक्ति का आशीर्वाद माँगने की प्रेरणा देती है।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती लिरिक्स और अर्थ (Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics and Meaning, लिरिक्स और अर्थ)
"लिरिक्स और अर्थ" इस आरती की आत्मा हैं। यहाँ पूरी आरती और उसका हिंदी अर्थ है:
लिरिक्स:
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति। जय देव जय देव।। रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा। चंदनाची उटी कुमकुम केशरा। हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा। रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति। जय देव जय देव।।
अर्थ:
- सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची: हे सुख देने वाले और दुख हरने वाले, आप विघ्नों को दूर करते हैं।
- नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची: आपकी प्रेममयी कृपा हमेशा बनी रहे और विजय दिलाए।
- सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची: आपके पूरे शरीर पर सुंदर शेंदूर (सिंदूर) लगा है।
- कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची: आपके गले में मोतियों की माला चमकती है।
- जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति: हे मंगलमूर्ति देव, आपको जय हो।
- दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति: आपके दर्शन मात्र से मन की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं।
- रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा: हे गौरी के पुत्र, आपका मस्तक रत्नों से जड़ा है।
- चंदनाची उटी कुमकुम केशरा: आपके मस्तक पर चंदन और केसर का तिलक है।
- हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा: हीरों से जड़ा मुकुट आप पर शोभा देता है।
- रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया: आपके चरणों में घुंघरू बजते हैं।
"Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics and Meaning" गणेश जी की महिमा और सुंदरता को दर्शाते हैं।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का धार्मिक महत्व (Religious Significance of Sukhkarta Dukhharta Aarti, धार्मिक महत्व)
"धार्मिक महत्व" इस आरती को भक्ति से जोड़ता है। "Religious Significance of Sukhkarta Dukhharta Aarti" इस विश्वास पर आधारित है कि यह गणेश जी की स्तुति है, जो सुख देती है और दुखों को हरती है।
- विघ्न निवारण: यह आरती बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना है।
- शुभता: गणेश जी की कृपा से जीवन में मंगल होता है।
- भक्ति: यह गणेश जी के प्रति श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करती है।
"धार्मिक महत्व" इसे गणेश चतुर्थी और दैनिक पूजा का अभिन्न अंग बनाता है।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का पूजा में उपयोग (Use of Sukhkarta Dukhharta Aarti in Worship, पूजा में उपयोग)
"पूजा में उपयोग" इस आरती को पूजा का हिस्सा बनाता है:
- गणेश चतुर्थी: मूर्ति स्थापना और विसर्जन के दौरान गाई जाती है।
- दैनिक पूजा: सुबह-शाम गणेश जी के सामने आरती की जाती है।
- सामुदायिक उत्सव: पंडालों में भक्त इसे सामूहिक रूप से गाते हैं।
- विधि: दीपक और धूप जलाकर, मोदक भोग के बाद इसे गाया जाता है।
"Use of Sukhkarta Dukhharta Aarti in Worship" भक्ति को गहरा करता है।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती से जुड़ी कथाएँ (Stories Related to Sukhkarta Dukhharta Aarti, कथाएँ)
"कथाएँ" इस आरती के महत्व को बताती हैं:
- गणेश जन्म: यह आरती उनके जन्म और पुनर्जनन की महिमा गाती है।
- विघ्नहर्ता की शक्ति: एक भक्त ने इस आरती से संकट से मुक्ति पाई।
"Stories Related to Sukhkarta Dukhharta Aarti" इसकी शक्ति को प्रमाणित करती हैं।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती के लाभ (Benefits of Sukhkarta Dukhharta Aarti, लाभ)
"लाभ" इस आरती से मिलने वाले फायदे हैं:
- सुख और शांति: मन को शांति मिलती है।
- बाधा निवारण: संकट और रुकावटें दूर होती हैं।
- सकारात्मक ऊर्जा: घर में शुभता बढ़ती है।
- कामना पूर्ति: इ Agarwal: दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति।
"Benefits of Sukhkarta Dukhharta Aarti" भक्तों को प्रेरित करते हैं।
सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का आधुनिक संदर्भ (Modern Context of Sukhkarta Dukhharta Aarti, आधुनिक संदर्भ)
"आधुनिक संदर्भ" में यह आरती डिजिटल युग में लोकप्रिय है। "Modern Context of Sukhkarta Dukhharta Aarti" में लोग इसे ऑनलाइन सुनते हैं, यूट्यूब पर देखते हैं, और वर्चुअल पूजा में गाते हैं। यह वैश्विक स्तर पर भक्तों तक पहुँच रही है।
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