Shree Baglamukhi Devi Pooja Vidhi (श्री बगलामुखी देवी पूजा विधि)
Maa Baglamukhi is one of the ten Mahavidyas and is worshipped for victory, protection from enemies, and success in legal matters. Here is a step-by-step guide for performing her puja.
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं और इन्हें शत्रु नाश, विजय एवं न्यायिक मामलों में सफलता के लिए पूजा जाता है। यहाँ उनकी पूजा की विधि दी गई है।
1. Purification (शुद्धिकरण)
English: Take a bath and wear clean yellow clothes. Clean the puja area and spread a yellow cloth on the altar.
हिंदी: स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को स्वच्छ करें और वेदी पर पीला वस्त्र बिछाएं।
2. Sankalp (संकल्प)
English: Sit facing the east or north, take water in your right hand, and make a resolution (sankalp) for the puja.
हिंदी: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें, दाहिने हाथ में जल लें और पूजा का संकल्प करें।
3. Invocation (आवाहन)
English: Light a lamp (diya) with ghee or mustard oil and offer incense (dhoop). Meditate on Maa Baglamukhi’s divine form.
हिंदी: घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं, धूप अर्पित करें और माँ बगलामुखी के दिव्य स्वरूप का ध्यान करें।
4. Offerings (समर्पण)
- Yellow flowers (पीले फूल)
- Yellow sweets like Besan Ladoo (पीले मिठाई जैसे बेसन के लड्डू)
- Turmeric (Haldi) and Yellow Rice (हल्दी और पीले चावल)
- Cardamom & Clove (इलायची और लौंग)
English: Offer these items to the Goddess while chanting her mantras.
हिंदी: इन सामग्रियों को देवी को अर्पित करें और उनके मंत्रों का जप करें।
5. Mantra Chanting (मंत्र जाप)
Chant at least 108 times using a yellow-colored mala (rosary).
कम से कम 108 बार पीले रंग की माला से मंत्र जाप करें।
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Beej Mantra (बीज मंत्र):
ॐ ह्रीं बगलामुखि स्वाहा॥
Om Hreem Baglamukhi Swaha॥ -
Mool Mantra (मूल मंत्र):
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
Om Hleem Baglamukhi Sarva-Dushtanam Vacham Mukham Padam Stambhaya Jivham Keelay Buddhim Vinashay Hleem Om Swaha॥ -
Baglamukhi Gayatri Mantra (बगलामुखी गायत्री मंत्र):
ॐ बगलायै च विद्महे, स्तम्भिन्यै च धीमहि। तन्नो बगला प्रचोदयात्॥
Om Bagalayai Cha Vidmahe, Stambhinyai Cha Dheemahi। Tanno Bagla Prachodayat॥
6. Aarti and Prasad (आरती और प्रसाद)
English: After mantra chanting, perform the Baglamukhi Aarti and distribute yellow sweets as prasad.
हिंदी: मंत्र जाप के बाद बगलामुखी आरती करें और पीले रंग की मिठाई का प्रसाद वितरण करें।
7. Conclusion (पूजा समापन)
English: Pray for the fulfillment of your desires and seek Maa Baglamukhi’s blessings. Offer water and seek forgiveness for any mistakes during the puja.
हिंदी: अपनी इच्छाओं की पूर्ति हेतु प्रार्थना करें और माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करें। अंत में जल अर्पण कर पूजा में हुई किसी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।
Important Tips (महत्वपूर्ण सुझाव)
✅ Best Day for Worship – Thursdays or Navratri (पूजा का श्रेष्ठ दिन – गुरुवार या नवरात्रि)
✅ Use Yellow Items – Maa Baglamukhi loves yellow color (पीले वस्त्र, फूल और मिठाई चढ़ाएं)
✅ Keep a Pure Mind – Stay focused and avoid negative thoughts (शुद्ध मन से पूजा करें)
Performing this puja with devotion brings success, protection from enemies, and spiritual growth.
श्रद्धा और नियमपूर्वक इस पूजा को करने से सफलता, शत्रु नाश और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
माँ बगलामुखी के प्रमुख पूजनीय स्थल (Maa Baglamukhi Ke Pujniya Sthan)
माँ बगलामुखी देवी के प्रमुख मंदिर भारत में विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं। ये मंदिर साधकों और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं, जहां माता की कृपा प्राप्त करने के लिए साधना की जाती है।
1. बगलामुखी शक्तिपीठ, नलखेड़ा (मध्य प्रदेश)
➡ स्थान: नलखेड़ा, आगर-मालवा, मध्य प्रदेश
➡ विशेषता: यह भारत का सबसे प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर है। यहाँ माता बगलामुखी के अनुष्ठान और हवन विशेष रूप से किए जाते हैं।
2. बगलामुखी मंदिर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
➡ स्थान: बनखंडी, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
➡ विशेषता: यह शक्तिपीठ अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है, जहाँ पर शत्रु नाश, कानूनी मामलों में विजय एवं रक्षा हेतु विशेष पूजा की जाती है।
3. पीताम्बरा पीठ, दतिया (मध्य प्रदेश)
➡ स्थान: दतिया, मध्य प्रदेश
➡ विशेषता: इस मंदिर में माँ बगलामुखी को पीताम्बरा देवी के रूप में पूजा जाता है। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध तांत्रिक स्थलों में से एक है।
4. बगलामुखी मंदिर, कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
➡ स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल
➡ विशेषता: इस मंदिर में बगलामुखी देवी की पूजा विशेष रूप से गुप्त साधना के लिए की जाती है।
5. बगलामुखी मंदिर, गुवाहाटी (असम)
➡ स्थान: कामाख्या, गुवाहाटी, असम
➡ विशेषता: कामाख्या मंदिर के पास स्थित यह मंदिर तांत्रिक साधना और महाविद्या उपासना के लिए प्रसिद्ध है।
6. बगलामुखी मंदिर, उज्जैन (मध्य प्रदेश)
➡ स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश
➡ विशेषता: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास स्थित यह मंदिर विशेष रूप से भक्तों के लिए शक्तिशाली स्थान माना जाता है।
7. बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार (उत्तराखंड)
➡ स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
➡ विशेषता: गंगा किनारे स्थित यह मंदिर साधकों और भक्तों के लिए एक पवित्र स्थान है।
8. बगलामुखी मंदिर, दिल्ली
➡ स्थान: छतरपुर, दिल्ली
➡ विशेषता: छतरपुर मंदिर परिसर में स्थित यह मंदिर भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है।
9. बगलामुखी मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
➡ स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश
➡ विशेषता: वाराणसी में स्थित यह मंदिर आध्यात्मिक शक्ति और सिद्धि प्राप्त करने के लिए विशेष महत्व रखता है।
10. बगलामुखी मंदिर, नेपाल
➡ स्थान: काठमांडू, नेपाल
➡ विशेषता: यह मंदिर नेपाल के प्रमुख तांत्रिक स्थलों में से एक है, जहां साधक विशेष सिद्धियों की प्राप्ति के लिए साधना करते हैं।
माँ बगलामुखी की उपासना क्यों करें?
✅ शत्रु नाश और कानूनी मामलों में विजय
✅ तांत्रिक सिद्धि और रक्षा
✅ वाणी, बुद्धि और शक्ति का विकास
✅ परिवार और व्यवसाय में सफलता
इन मंदिरों में माँ बगलामुखी की साधना और हवन करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। यदि कोई साधक कठिन समस्याओं से घिरा हो, तो माँ की उपासना से उसे राहत मिल सकती है।
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